अलंकार (Alankar) · परिभाषा, भेद, उदाहरण
पंक्ति पढ़ो, अलंकार पहचानो — सा/समान हो तो उपमा, मानो हो तो उत्प्रेक्षा।
अलंकार (Alankar) games
अलंकार किसे कहते हैं?
काव्य की शोभा बढ़ाने वाले तत्त्वों को अलंकार कहते हैं — जैसे गहने शरीर की शोभा बढ़ाते हैं।
अलंकार के भेद
- शब्दालंकार (शब्द से चमत्कार): अनुप्रास, यमक, श्लेष।
- अर्थालंकार (अर्थ से चमत्कार): उपमा, रूपक, उत्प्रेक्षा, अतिशयोक्ति, मानवीकरण।
| उपमा | समानता — सा, सी, से, समान, जैसा |
|---|---|
| रूपक | एकरूपता — उपमेय ही उपमान है (मुख-चंद्र) |
| उत्प्रेक्षा | संभावना — मानो, मनो, जनु |
| यमक | एक शब्द, कई बार, अलग-अलग अर्थ |
| श्लेष | एक शब्द, एक बार, कई अर्थ |
उदाहरण
| पंक्ति | अलंकार | क्यों |
|---|---|---|
| मधुर मधुर मुसकान मनोहर, मन को मोह लेती है। | अनुप्रास | ‘म’ वर्ण बार-बार आया है। |
| कल-कल करती कोमल कलियाँ। | अनुप्रास | ‘क’ वर्ण की आवृत्ति। |
| तरनि-तनूजा तट तमाल तरुवर बहु छाए। | अनुप्रास | ‘त’ वर्ण बार-बार आया है। |
| काली घटा का घमंड घटा। | यमक | पहला ‘घटा’ = बादल, दूसरा ‘घटा’ = कम हुआ — एक शब्द, दो अर्थ, दो बार। |
| कनक कनक ते सौ गुनी, मादकता अधिकाय। (बिहारी) | यमक | एक ‘कनक’ = सोना, दूसरा ‘कनक’ = धतूरा। |
| रहिमन पानी राखिए, बिन पानी सब सून। (रहीम) | श्लेष | ‘पानी’ एक बार, पर अर्थ कई — इज़्ज़त, चमक, जल। |
| उसका मुख चंद्रमा के समान सुंदर है। | उपमा | ‘के समान’ से तुलना — उपमा। |
| बच्चे फूल-से कोमल होते हैं। | उपमा | ‘से’ वाचक शब्द — उपमा। |
| उसका मुख चंद्र है। | रूपक | मुख को ही चंद्र मान लिया — बिना ‘समान/सा’ के — रूपक। |
| चरण-कमल धीरे से बढ़ाओ। | रूपक | चरण और कमल एक ही बताए गए — रूपक। |
| उसका मुख मानो चंद्रमा है। | उत्प्रेक्षा | ‘मानो’ से संभावना — उत्प्रेक्षा। |
| नदी ऐसी चमक रही थी मानो चाँदी बह रही हो। | उत्प्रेक्षा | ‘मानो’ — उत्प्रेक्षा। |
| पेड़ हवा में झूमकर गीत गा रहे थे। | मानवीकरण | पेड़ों को मनुष्य की तरह गाते बताया — मानवीकरण। |
| उसकी आवाज़ सुनकर पहाड़ हिल गए। | अतिशयोक्ति | बात को बहुत बढ़ा-चढ़ाकर कहा — अतिशयोक्ति। |
कक्षा 8 से 10 के लिए। ज़्यादातर उदाहरण हमारे अपने सरल वाक्य हैं; दो पंक्तियाँ बिहारी और रहीम की हैं। हिंदी शिक्षकों से जाँच कराई जा रही है।
A one-page chart to stick on the wall, and a worksheet to practise.
अलंकार
अलंकार किसे कहते हैं?
काव्य की शोभा बढ़ाने वाले तत्त्वों को अलंकार कहते हैं — जैसे गहने शरीर की शोभा बढ़ाते हैं।
अलंकार के भेद
- शब्दालंकार (शब्द से चमत्कार): अनुप्रास, यमक, श्लेष।
- अर्थालंकार (अर्थ से चमत्कार): उपमा, रूपक, उत्प्रेक्षा, अतिशयोक्ति, मानवीकरण।
| उपमा | समानता — सा, सी, से, समान, जैसा |
|---|---|
| रूपक | एकरूपता — उपमेय ही उपमान है (मुख-चंद्र) |
| उत्प्रेक्षा | संभावना — मानो, मनो, जनु |
| यमक | एक शब्द, कई बार, अलग-अलग अर्थ |
| श्लेष | एक शब्द, एक बार, कई अर्थ |
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अलंकार — वर्कशीट
Name: ____________________ Class: ______ Date: __________
1. अलंकार पहचानिए: ‘उसका मुख चंद्रमा के समान है।’ ______
2. अलंकार पहचानिए: ‘काली घटा का घमंड घटा।’ ______
3. उपमा और रूपक में अंतर लिखिए: ______________________
4. उत्प्रेक्षा अलंकार का एक उदाहरण अपने शब्दों में लिखिए।
5. शब्दालंकार के तीन भेदों के नाम लिखिए: ______________________
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