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रस (Ras) · परिभाषा, अंग, स्थायी भाव

करुण रस का स्थायी भाव शोक — रस और स्थायी भाव जोड़ो।

रस (Ras) games

रस किसे कहते हैं?

काव्य पढ़ने या सुनने से मन में जो आनंद या भाव जागता है, उसे रस कहते हैं। रस के चार अंग हैं — स्थायी भाव, विभाव, अनुभाव और संचारी भाव।

रसस्थायी भावभाव
श्रृंगाररतिप्रेम और सौंदर्य
हास्यहासहँसी
करुणशोकदुख
रौद्रक्रोधगुस्सा
वीरउत्साहजोश, साहस
भयानकभयडर
वीभत्सजुगुप्साघृणा
अद्भुतविस्मयआश्चर्य
शांतनिर्वेदवैराग्य, शांति
वात्सल्यवत्सलतासंतान के प्रति प्रेम
भक्तिअनुराग (ईश्वर-विषयक रति)ईश्वर के प्रति प्रेम

मूल रूप से नौ रस माने गए; वात्सल्य और भक्ति को मिलाकर ग्यारह भी गिने जाते हैं।

कक्षा 9–10 के लिए। हिंदी शिक्षकों से जाँच कराई जा रही है।

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A one-page chart to stick on the wall, and a worksheet to practise.

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